अध्याय 2: परीक्षा का आरंभ

एक महीना बीत गया। रुद्र अभी भी बैठा था। उसका शरीर कमज़ोर हो रहा था। एक रात उसे एक आवाज़ सुनाई दी, "वापस जाओ। यहाँ तुम्हारे लिए कुछ नहीं है।" रुद्र ने कहा, "नहीं, मैं यहीं रहूँगा।" दूसरे दिन एक भेड़िया आया। उसने रुद्र को देखा और चला गया। रुद्र ने डर को महसूस नहीं किया। उसका ध्यान अडिग था।

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