अध्याय 5: फिर से एक
अमन रोहन के कमरे में गया। उसने देखा रोहन की आँखों में आँसू हैं। अमन ने कहा, "भइया, मुझे माफ़ करो।" रोहन बोला, "नहीं, मुझे माफ़ करना चाहिए। मैंने तुम्हें अकेला छोड़ दिया।" दोनों भाई रोए और गले मिले। उनकी माँ देख रही थीं। उन्होंने कहा, "बेटों, परिवार का मतलब एक साथ रहना है।" उस दिन से दोनों फिर से साथ रहने लगे। अमन ने अपना बिज़नेस दिल्ली शिफ़्ट कर दिया। रोहन भी उसका साथ देने लगा।