अध्याय 1: रेगिस्तान की सुबह
जोधपुर की सुबह सुनहरी होती है। मेहरानगढ़ किले की छाया में एक छोटा मकान था। वहाँ रहती थी गीता। उसके पिताजी राजस्थानी पगड़ी बनाते थे। गीता कॉलेज जाती थी। एक दिन उसकी मुलाकात हुई विक्रम से। विक्रम दिल्ली से आया था, एक एनजीओ के साथ। उसने गीता के पिताजी की दुकान पर पगड़ी खरीदी। दोनों की नज़रें मिलीं। एक अजीब सी बिजली दौड़ गई।