अध्याय 2: घात की आहट
तीन महीने बीत गए। अमन अब सीमा की हर आवाज़ पहचानता था। एक रात उसे पत्थर गिरने की आवाज़ सुनाई दी। उसने अपनी टीम को अलर्ट किया। रात्रि दृष्टि यंत्र से उसने देखा - तीन आकृतियाँ सीमा पार कर रही थीं। आतंकवादी थे। अमन ने चुपचाप अपनी टीम को घेरा बनाने को कहा। जब दुश्मन नज़दीक आए, तो अमन ने चेतावनी दी, "रुको!" पर उन्होंने गोली चलाई।