अध्याय 2: संकेत
एक रात अभय को स्वप्न आया। एक दिव्य पुरुष ने कहा, "तुम्हारा समय आ गया है। धर्म की स्थापना के लिए तुम्हें अपनी शक्ति जगानी होगी।" अभय घबरा गया। उसने पूछा, "मैं कौन हूँ?" वो आवाज़ बोली, "तुम उसी का अंश हो।" अगले दिन अभय ने देखा कि उसके हाथ का निशान चमक रहा है। जब वो किसी बीमार के पास जाता, तो वो ठीक हो जाता। उसे एहसास हुआ कि उसमें कुछ अलग है।