चाँद की छाँव
अध्याय 4 / 5

अध्याय 4: सच्चाई की राह

एक दिन प्रिया के पिताजी बीमार पड़ गए। राहुल ने यह सुनकर अपने पिताजी की मर्ज़ी के खिलाफ गाँव आ गया। उसने न सिर्फ प्रिया के पिताजी का इलाज करवाया, बल्कि उनके खेत का कर्ज़ भी चुका दिया। इससे सबकी आँखें खुलीं। राहुल के पिताजी भी आए और देखा कि सच्चा प्यार कोई जात-पात नहीं देखता। उन्होंने भी हार मान ली। दोनों परिवारों ने मिलकर उनकी सगाई का फ़ैसला किया।

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